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जीवन की राह: उम्मीद और संघर्ष का काव्य | Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा रचित यह सुंदर क़िता जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष और हर मोड़ पर मिलने वाली नई उम्मीदों को दर्शाता है।
Monday, August 31, 2026
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“जीवन की राह: उम्मीद और संघर्ष का काव्य | Furkan S Khan”
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Date
31 August 2026
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https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/jeevan-ki-raah-the-path-of-life-furkan-s-khan
Qita — By Furkan S Khan
यह जीवन एक सफ़र है प्यारे,
कभी धूप है, कभी अँधियारे।
गिरना-उठना ही इसके सहारे,
हर मोड़ पर मिलते नए किनारे।
Kaafiya: प्यारे, अँधियारे, सहारे, किनारे
Radeef: None
Qita — By Furkan S Khan
ज़िंदगी एक कहानी है, हर पल नया,
कभी हँसी है, कभी आँखें नम यहाँ।
हर साँस एक क़िस्सा, हर लम्हा जिया,
खुशी-ग़म का संगम है, यही है बयाँ।
Kaafiya: नया, यहाँ, जिया, बयाँ
Radeef: None
इस क़िता में 'सफ़र' का अर्थ यात्रा है। 'अँधियारे' का अर्थ अंधेरा है। 'सहारे' का अर्थ मदद या आधार से है। 'किनारे' का अर्थ छोर या गंतव्य से है, जो नई उम्मीदों का प्रतीक है।
इस क़िता में 'नम' का अर्थ गीली आँखों से है, जो आँसू या उदासी को दर्शाती हैं। 'क़िस्सा' का अर्थ कहानी है। 'लम्हा' का अर्थ पल है। 'संगम' का अर्थ मिलन या मिश्रण है। 'बयाँ' का अर्थ वर्णन या अभिव्यक्ति है।
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