मोहब्बत में ईर्ष्या की आग - Furkan S Khan की दिल छूने वाली शायरी
जब मोहब्बत में ईर्ष्या की आग लगती है, दिल कैसे जलता है, इस दर्द भरी शायरी में बयां किया गया है। Furkan S Khan की यह रचना भावनाओं का सागर है।
लबों (Labon): होंठ, गुनाह (Gunaah): पाप, तन्हा (Tanha): अकेला, पहरा (Pehra): निगरानी, बेगाना (Begana): पराया, अरमानों (Armanon): इच्छाएँ, हमदम (Hamdam): साथी, सहमा (Sehma): भयभीत
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