प्रेम की सच्ची परिभाषा: दिल की गहराइयों से एक अनमोल क़िता

'फुरकान एस खान' द्वारा प्रेम की अनमोल परिभाषा, जो दिल की गहराइयों को छूती है। जानें क्या है सच्ची मोहब्बत की तलाश और उसकी डगर।

Tuesday, September 15, 2026
AMP 0 1
https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/true-definition-of-love-a-precious-qita-from-the-depths-of-the-heart
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
प्रेम की सच्ची परिभाषा: दिल की गहराइयों से एक अनमोल क़िता
“प्रेम की सच्ची परिभाषा: दिल की गहराइयों से एक अनमोल क़िता”
Favicon
Vews
https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/true-definition-of-love-a-precious-qita-from-the-depths-of-the-heart
Date
15 September 2026
Qita — By Furkan S Khan
जब तक न दिल में कोई आरज़ू जागे, तब तक न प्रेम की कोई लौ भी लगे। मिल जाए गर राह, पर मंज़िल न हो, तो कैसे कहूँ, ये प्रेम की डगर है सजे।
Qita — By Furkan S Khan
ये इश्क़ है जो हर रंग में ढलता है, कभी फूल सा, कभी आग सा जलता है। जो पास हो तो हर पल सुहाना लगता है, दूर हो तो हर लम्हा मन को खलता है।

आरज़ू: इच्छा, चाहत। लौ: प्रकाश, ज्योति। मंज़िल: लक्ष्य, गंतव्य। डगर: रास्ता, मार्ग। सजे: सुशोभित हो, सही लगे।

इश्क़: प्रेम, मोहब्बत। ढलता है: बदलता है, आकार लेता है। सुहाना: मनोहर, सुखद। खलता है: अखरता है, पीड़ा देता है।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User