तुम्हारी ही राहें: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली प्रेम कविता

Furkan S Khan द्वारा रचित 'तुम्हारी ही राहें' एक भावपूर्ण हिन्दी प्रेम कविता है जो भक्ति और समर्पण के गहरे एहसास को व्यक्त करती है।

Monday, September 21, 2026
AMP 0 1
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
तुम्हारी ही राहें: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली प्रेम कविता
“तुम्हारी ही राहें: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली प्रेम कविता”
Favicon
Vews
https://www.vews.in/s/Ic7no5
Date
21 September 2026
तुम्हारी ही राहें: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली प्रेम कविता
Love Poetry — By Furkan S Khan
मेरी हर दुआ में तुम, मेरी हर बात में तुम, मेरी साँसों की महक, मेरी हर साँस में तुम। माना दूर हो तुम, पर दिल के पास तुम, मेरे जीने की वजह, मेरी हर आस में तुम। अंधेरों में उम्मीद की वो पहली किरण, सूखे दरिया की राहत, जैसे कोई सरगम। हर पल, हर लम्हा, बस तेरा ही है भरम, मेरी दुनिया, मेरा जहाँ, तू ही मेरा मौसम। ये दिल की धड़कनें, तेरा ही नाम गाती हैं, बिना तेरे हर खुशी, बेमानी सी लगती है। तू ही मेरा सुकून, तू ही मेरा ईमान, तेरी भक्ति में ही, मेरी हर प्यास बुझती है। ये समर्पण मेरा, कभी न कम होगा, तुझसे जुड़ी हर साँस, तेरा ही नाम लेगा। तू ही मेरा सब कुछ, तू ही मेरा भगवान, मेरी हर चाहत, तुझसे ही शुरू होकर, तुझमें ही खत्म होगा।

दुआ - प्रार्थना, सरगम - संगीत की धुन, भरम - भ्रम/खयाल, सुकून - शांति, ईमान - विश्वास, समर्पण - भक्ति/समर्पण

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

Comments (0)

User