उदासी का मंज़र: फ़ुरक़ान एस ख़ान की मार्मिक नाज़्म
फ़ुरक़ान एस ख़ान की यह नाज़्म उदासी के गहरे एहसास और ज़िंदगी की बंज़रता को बयां करती है। हृदयस्पर्शी शब्द जो आपके दिल को छू लेंगे।
मंज़र: दृश्य, नज़ारा बंज़र: अनुपजाऊ, खाली समंदर: सागर
लम्हा: पल खामोशी: चुप्पी अधूरी: अपूर्ण, अधूरी तन्हाई: अकेलापन
वीराना: उजाड़ जगह, सुनसान बेगाना: अनजान, पराया अफ़साना: कहानी, किस्सा तराना: गीत, धुन
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