जीवन की डगर: फ़ुरकान एस खान की प्रेरणादायक कविता

फ़ुरकान एस खान द्वारा रचित 'जीवन की डगर' कविता में जीवन के उतार-चढ़ाव, खुशी-गम और अनमोल अनुभवों का सुंदर वर्णन है।

Monday, August 24, 2026
AMP 0 5
ह
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
जीवन की डगर: फ़ुरकान एस खान की प्रेरणादायक कविता
“जीवन की डगर: फ़ुरकान एस खान की प्रेरणादायक कविता”
Favicon
Vews
https://www.vews.in/jeevan-ki-dagar-furkan-s-khans-inspirational-poem
Date
24 August 2026
जीवन की डगर: फ़ुरकान एस खान की प्रेरणादायक कविता
Qita
जीवन एक डगर है, हर पल नया मोड़, कभी मिलती खुशी, कभी गम का जोड़। चलते रहना ही फ़ितरत है इसकी, हर अनुभव है अनमोल, हर साँस में ओड़।
Kaafiya मोड़, जोड़, ओड़
F Poetry ByFurkan S Khan
Qita
ज़िंदगी है एक खेल, कभी जीत, कभी हार, कभी उजाला घना, कभी गहरा अंधकार। सब कुछ है यहाँ क्षणिक, न कुछ भी रहे स्थिर, बस प्यार की लौ जलाए रख, यही है संसार।
Kaafiya हार, अंधकार, संसार
F Poetry ByFurkan S Khan
Qita
वक्त की धारा बहती जाए, रुकती नहीं, हर पल नया रंग दिखाए, झुकती नहीं। जो बीत गया, वो लौटा नहीं कभी, बस आज में जी ले, कल की फिक्र ही नहीं।
Kaafiya नहीं, नहीं, नहीं
F Poetry ByFurkan S Khan

जीवन की डगर

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: मोड़, जोड़, ओड़
जीवन एक डगर है, हर पल नया मोड़, कभी मिलती खुशी, कभी गम का जोड़। चलते रहना ही फ़ितरत है इसकी, हर अनुभव है अनमोल, हर साँस में ओड़।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: हार, अंधकार, संसार
ज़िंदगी है एक खेल, कभी जीत, कभी हार, कभी उजाला घना, कभी गहरा अंधकार। सब कुछ है यहाँ क्षणिक, न कुछ भी रहे स्थिर, बस प्यार की लौ जलाए रख, यही है संसार।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: नहीं, नहीं, नहीं
वक्त की धारा बहती जाए, रुकती नहीं, हर पल नया रंग दिखाए, झुकती नहीं। जो बीत गया, वो लौटा नहीं कभी, बस आज में जी ले, कल की फिक्र ही नहीं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab Khatoon
लेखक

A passionate content creator sharing meaningful baby names, Islamic names and their beautiful meanings, along with the latest news and informative stories. Bringing knowledge, culture, and updates together.

Comments (0)

User