भिवानी डबल मर्डर केस में मोनू मानेसर को मिली जमानत, रिहा हुए चर्चित गौ रक्षक
चर्चित गौ रक्षक मोनू मानेसर को भिवानी डबल मर्डर केस में जमानत मिल गई है, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। जानें इस हाई-प्रोफाइल मामले के बारे में।
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भिवानी डबल मर्डर केस में मोनू मानेसर को मिली जमानत
चर्चित गौ रक्षक और बजरंग दल के सदस्य मोनू मानेसर को भिवानी डबल मर्डर केस में आखिरकार जमानत मिल गई है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया है। यह मामला काफी समय से राष्ट्रीय सुर्खियों में बना हुआ था और मोनू मानेसर की गिरफ्तारी से लेकर उनकी कानूनी लड़ाई तक, हर कदम पर गहन चर्चा हुई थी।
यह पूरा प्रकरण 16 फरवरी 2023 को सामने आया था, जब राजस्थान के दो मुस्लिम युवकों, नासिर और जुनैद, के जले हुए शव हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू में एक बोलेरो गाड़ी में पाए गए थे। पीड़ितों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि बजरंग दल के सदस्यों ने उनका अपहरण कर हत्या की है, जिसमें मोनू मानेसर का नाम भी सामने आया था।
कानूनी प्रक्रिया और मोनू मानेसर की गिरफ्तारी
मामले में नाम आने के बाद से ही मोनू मानेसर पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे, हालांकि उन्होंने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था। लंबी तलाश के बाद, उन्हें 12 सितंबर 2023 को हरियाणा के नूंह में इंटरनेट प्रतिबंध के उल्लंघन और हिंसा से जुड़े एक अलग मामले में हरियाणा पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद, राजस्थान पुलिस ने उन्हें नासिर-जुनैद डबल मर्डर केस में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया था।
मोनू मानेसर के वकीलों ने इस मामले में उन्हें जमानत दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए। कई अदालतों में याचिकाएं दायर की गईं और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, उन्हें अब इस विशेष मामले में राहत मिली है। उनकी रिहाई से एक बार फिर इस संवेदनशील मामले पर बहस छिड़ गई है।
आगे की राह और प्रतिक्रियाएं
मोनू मानेसर हरियाणा में गौ रक्षा गतिविधियों में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और उनके समर्थक उनकी रिहाई का स्वागत कर रहे हैं। हालांकि, पीड़ितों के परिवार और विभिन्न मानवाधिकार संगठन अभी भी न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और इस मामले पर करीब से नजर रख रहे हैं।
भले ही मोनू मानेसर को भिवानी डबल मर्डर केस में जमानत मिल गई हो, उन पर लगे अन्य आरोप या संभावित अन्य कानूनी कार्यवाही को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। यह मामला अभी भी न्यायिक और सार्वजनिक जांच के दायरे में बना रहेगा, और आने वाले समय में इसके और भी पहलू सामने आ सकते हैं।
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