ज़िंदगी का राज़: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल

फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित 'ज़िंदगी का राज़' एक खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल है जो जीवन के विभिन्न पहलुओं, उसके इम्तिहानों और फ़ानी हक़ीक़त को बयाँ करती है।

Monday, September 14, 2026
AMP 0 0
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
ज़िंदगी का राज़: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
“ज़िंदगी का राज़: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल”
Favicon
Vews
https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/zindagi-ka-raaz-furkan-s-khans-heart-touching-ghazal
Date
14 September 2026
Ghazal — By Furkan S Khan
ये ज़िंदगी है या कोई बहती हवा, क्या मिले दर्द की फिर मुझे क्यों न दवा, क्या कभी हँसती है ये, कभी रूठती है अदा, क्या हर मोड़ पर बदलता इसका रंग है, क्या जो पास थे कभी, आज हो गए जुदा, क्या ख़ामोशियों में भी कोई कहता है सदा, क्या हर पल नया इम्तिहान है यहाँ, क्या बिखरे हुए लम्हों का ये कारवाँ है, क्या जीने का सलीका सीख ले इंसान, क्या फिर क्यों न निभाए हर एक रिश्ता, क्या इस राह-ए-फ़ना में न कर तू वफ़ा, क्या ये दुनिया तो इक पल का है आसरा, क्या
Ghazal — By Furkan S Khan
ये जीवन है, हर पल इसमें है संभलना, गिरकर फिर उठना है, यूँ ही तो है चलना। कभी धूप कभी छाँव, ये मौसम बदलते हैं, हर रंग में ढलकर भी है आगे निकलना। ख़्वाहिशों का दरिया है, मगर यूँ न पिघलना, हर लहर के साथ है बस आगे को चलना। दिल कभी मचलता है, कभी है बहलता, हर हाल में है बस अपनी राह पर चलना। रुक जाए जो साँसें, तो फिर क्या है जीना, जब तक है दम में दम, तब तक है चलना।

बहती हवा: बहती हुई हवा (जीवन की क्षणभंगुरता का प्रतीक) दर्द की दवा: पीड़ा का इलाज अदा: अंदाज़, शैली जुदा: अलग, बिछड़ा हुआ सदा: आवाज़, पुकार इम्तिहान: परीक्षा, कसौटी कारवाँ: यात्रियों का समूह (जीवन यात्रा का प्रतीक) सलीका: तरीका, ढंग राह-ए-फ़ना: नश्वरता का मार्ग, नाश का रास्ता वफ़ा: निष्ठा, ईमानदारी आसरा: सहारा, ठिकाना

संभलना: सावधानी बरतना, खुद को संभालना धूप-छाँव: सुख-दुःख, जीवन के उतार-चढ़ाव ढलकर: अनुकूल होकर, ढलकर निकलना: आगे बढ़ना, उभरना ख़्वाहिशों का दरिया: इच्छाओं का सागर पिघलना: (यहाँ) इच्छाओं के आगे झुक जाना, विचलित होना मचलता: बेचैन, आतुर बहलता: बहलाया हुआ, शांत हुआ राह पर चलना: अपने मार्ग पर आगे बढ़ना दम में दम: जब तक साँस में साँस है, जब तक जीवन है

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User