गम की गहराई

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: आसमान, वीरान  |  Radeef: है
हर लम्हा एक उदासी का साया, दिल में गहरा एक सूनापन छाया। आँखों में नमी, होंठों पे खामोशी, हर तरफ़ बस गम ही गम छाया है।

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: तन्हाई, जुदाई  |  Radeef: है
रात की चादर ओढ़े, दिल रोता है, अकेलेपन का एहसास, मुझे खोता है। यादों के साए, संग मेरे चलते हैं, हर पल ये तन्हाई, मुझमें सोता है।

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: कहानी, निशानी  |  Radeef: है
हर बूँद आँसुओं की, एक कहानी कहती, बीते लम्हों की, एक अधूरी निशानी रहती। दिल के ज़ख्मों की, ये गवाही देती, जिंदगी की राहों में, ये नमी बहती है।