यह कविता प्रेम के आगमन से जीवन में आई खुशियों, नशे और स्वीकार्यता को दर्शाती है। 'बहार' का अर्थ है वसंत या रौनक। 'खुमार' का अर्थ है नशा या मस्ती। 'पुकार' का अर्थ है बुलावा या आह्वान। 'इकरार' का अर्थ है स्वीकार या सहमति।
यह कविता प्रेम को एक शाश्वत कहानी, कभी न बुझने वाली लौ और अमर रिश्ते के रूप में प्रस्तुत करती है। 'अफ़साना' का अर्थ है कहानी या कथा। 'शमा' का अर्थ है दीपक या लौ। 'मंद' का अर्थ है धीमा या बुझा हुआ। 'अमर' का अर्थ है जो कभी न मरे, शाश्वत। 'संगम' का अर्थ है मिलन या confluence।