ज़िंदगी का सफ़र
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: राह, आह, पनाह, गाह | Radeef: है
ये ज़िंदगी एक अनकही राह है,
कभी सुख है, कभी दर्द की आह है।
हर मोड़ पर नई एक पनाह है,
ये वक़्त की बहती दरिया की गाह है।
कभी हँसी है, कभी आँसुओं का समंदर,
ये ज़िंदगी का हर रंग है दिल के अंदर।
कभी धूप है, कभी छाँव का मंज़र,
ये ज़िंदगी का हर पल है एक नज़्म-ए-मुकम्मल।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: कहानी, रवानी, निशानी, पानी | Radeef: है
ये ज़िंदगी पल-पल की एक कहानी है,
कभी धूप है, कभी बारिश की रवानी है।
हर साँस में छुपी कोई पुरानी निशानी है,
ये वक़्त की लहरों पर बहता पानी है।
कभी उम्मीद की किरण है, कभी अँधेरा गहरा,
हर दिन नया रंग लिए आता है सवेरा।
ये ज़िंदगी है एक दरिया, कभी शांत, कभी ठहरा,
हर पल में है एक नया सबक, नया घेरा।