गांव के लोगों और लड़की के परिवार ने दूल्हे की मांग को अनुचित बताते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दूल्हे और उसके परिवार को थाने लाकर पूछताछ की।
मामले की शुरुआत
घासीपुर निवासी तसीम अहमद ने अपनी बेटी की शादी सराय जगना गांव के नूर अलम पुत्र अलीम से तय की थी। रविवार, 22 दिसंबर को बारात लेकर नूर अलम घासीपुर पहुंचा। बारातियों का स्वागत भव्य तरीके से किया गया और शादी की रस्में शुरू हुईं।
निकाह से ठीक पहले नूर अलम ने दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल की मांग रख दी। लड़की पक्ष ने इस मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, जिससे दूल्हे ने निकाह करने से मना कर दिया।
पिता की प्रतिक्रिया
लड़की के पिता तसीम अहमद ने कहा, "हमने पहले ही सोने की दो अंगूठियां और ₹25,000 नकद दहेज में दिया था। लेकिन बुलेट की मांग पूरी न होने पर दूल्हे ने शादी से इंकार कर दिया। यह हमारे लिए मानसिक और आर्थिक रूप से बहुत कठिन था।"
गांव वालों का हस्तक्षेप
गांव के प्रधान शकील खान और अन्य बुजुर्गों ने लड़की पक्ष का समर्थन किया और पुलिस को सूचना दी। गांव वालों ने इस घटना को दहेज के खिलाफ एक कड़ा संदेश देने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की मांग समाज के लिए घातक है और इसका विरोध किया जाना चाहिए।
"हम ऐसे लालचियों को सबक सिखाना चाहते हैं। लड़की की शादी गांव में ही एक अच्छे युवक से कराई जाएगी," - प्रधान शकील खान।
पुलिस की भूमिका
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया और समझौते का प्रयास किया। लेकिन लड़की के पिता ने दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की।
थाना प्रभारी राजेश शुक्ला ने कहा, "मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर दूल्हे के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
लड़की की शादी गांव में कराई गई
इस घटना के बाद लड़की की शादी गांव के ही एक अन्य युवक के साथ कर दी गई। गांव के लोगों ने मिलकर सादगी से यह शादी संपन्न कराई।
"हमने लड़की की शादी गांव के एक योग्य युवक से कराई। यह दहेज प्रथा के खिलाफ हमारी जीत है," - शकील खान।
लड़की के पिता ने कहा कि वह भविष्य में ऐसे लालची परिवारों से रिश्ता नहीं करेंगे। उन्होंने अन्य अभिभावकों से भी दहेज की मांग करने वालों का बहिष्कार करने का आह्वान किया।