फखरपुर में गाजी ए मिल्लत फाउंडेशन ने बेटी की शादी में की आर्थिक मदद
गाजी ए मिल्लत फाऊंडेशन ने बहराइच के फखरपुर क्षेत्र में एक गरीब बेटी की शादी में आर्थिक सहायता प्रदान कर मानवता की मिसाल कायम की।
उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के एक छोटे से कस्बे फखरपुर में बीते दिनों एक दृश्य ने मानो इंसानियत को जीवंत कर दिया। एक निर्धन, बेसहारा विधवा मां अपनी बेटी की शादी को लेकर दिन-रात चिंता में डूबी हुई थी। समाज की चकाचौंध से कोसों दूर, इस मां की आंखों में केवल एक सपना था — अपनी बेटी को ससम्मान विदा करना। लेकिन हालात ऐसे कि रोटियों का जुड़ना ही कठिन था, शादी का खर्च कैसे उठेगा? यही चिंता उस मां को अंदर ही अंदर तोड़े जा रही थी। तभी इस पीड़ा को दूर करने के लिए गाजी ए मिल्लत फाऊंडेशन एक मसीहा बनकर सामने आया — वो संस्था जो सिर्फ नाम नहीं, बल्कि जीती-जागती करुणा की प्रतिमूर्ति है।
जब संस्थापक वाहिद अली वारसी को इस गरीब मां की हालत का पता चला, तो उन्होंने इसे केवल एक खबर नहीं, बल्कि इंसानियत की पुकार समझा। संस्था के अध्यक्ष रियाज़ अहमद वारसी, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहब्बत अली और समस्त टीम के साथ उन्होंने बिना समय गंवाए योजना बनाई और उसी दिन शादी में आवश्यक आर्थिक मदद पहुंचाई। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, यह उस बेटी के जीवन की सबसे बड़ी मुस्कान थी, और उस मां के लिए एक ऐसा क्षण जब उसने महसूस किया कि दुनिया में अब भी लोग हैं जो बिना किसी स्वार्थ के मदद करते हैं। गाजी ए मिल्लत फाऊंडेशन ने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा और संवेदना यदि किसी संगठन का मूल हो, तो वह सच्चे अर्थों में मसीहा बन जाता है।