हर एक लम्हा है दिल में सवाल सा | फुरकान एस खान की शायरी
यह ग़ज़ल Furkan S Khan की है जिसमें हर शेर 'सा' रदीफ़ और 'आल' क़ाफ़िया पर आधारित है। इश्क़, ख्याल और जज़्बात के रंगों में डूबी यह शायरी दिल को छू लेने वाली है।
हर एक लम्हा है दिल में सवाल सा | फुरकान एस खान की शायरी
हर एक लम्हा है दिल में सवाल सा,
तेरा ख़याल है ज्यों कोई ख़याल सा।
मुसाफ़िर-ए-दिल को राहें न मिल सकीं,
तेरी तरफ़ है खिंचाव का जाल सा।