दिल को छू लेने वाली मोहब्बत की शायरी - Furkan S Khan

Furkan S Khan द्वारा रचित मोहब्बत पर दिलकश शायरी। प्यार, चाहत और सुकून के एहसास को बयां करती ये पंक्तियां।

Monday, August 24, 2026
AMP 0 0
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
दिल को छू लेने वाली मोहब्बत की शायरी - Furkan S Khan
“दिल को छू लेने वाली मोहब्बत की शायरी - Furkan S Khan”
Favicon
Vews
https://www.vews.in/heart-touching-love-shayari-furkan-s-khan
Date
24 August 2026
"
Shayari By Furkan S Khan
तेरी चाहत में दिल को सुकून मिल गया है, हर ज़ख्म-ए-जुदाई अब तो सिल गया है। तेरी यादों का हर पल है जैसे इबादत, मोहब्बत में तेरी, मेरा वजूद खिल गया है।
"
Shayari By Furkan S Khan
तेरा इंतज़ार करते-करते शाम हो गई, तेरी यादों में ये ज़िंदगी गुमनाम हो गई। कब तक सहें ये जुदाई का दर्द ऐ सनम, तेरी चाहत में हर साँस नीलाम हो गई।
"
Shayari By Furkan S Khan
तेरी हर अदा पे जान लुटाने को जी चाहता है, तेरे इश्क़ में खुद को मिटाने को जी चाहता है। तू ही मंज़िल है मेरी, तू ही मेरा ठिकाना, बस तेरी बाहों में दुनिया बसाने को जी चाहता है।

मोहब्बत का सफ़र

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: मिल, सिल, खिल  |  Radeef: गया है
तेरी चाहत में दिल को सुकून मिल गया है, हर ज़ख्म-ए-जुदाई अब तो सिल गया है। तेरी यादों का हर पल है जैसे इबादत, मोहब्बत में तेरी, मेरा वजूद खिल गया है।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: शाम, गुमनाम, नीलाम  |  Radeef: हो गई
तेरा इंतज़ार करते-करते शाम हो गई, तेरी यादों में ये ज़िंदगी गुमनाम हो गई। कब तक सहें ये जुदाई का दर्द ऐ सनम, तेरी चाहत में हर साँस नीलाम हो गई।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: लुटाने, मिटाने, बसाने  |  Radeef: को जी चाहता है
तेरी हर अदा पे जान लुटाने को जी चाहता है, तेरे इश्क़ में खुद को मिटाने को जी चाहता है। तू ही मंज़िल है मेरी, तू ही मेरा ठिकाना, बस तेरी बाहों में दुनिया बसाने को जी चाहता है।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User