ईर्ष्या की आग: दिल को जलाने वाली याद शायरी
Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली याद शायरी। जानें कैसे ईर्ष्या की भावना प्रिय की खुशी में किसी और को देखकर मन को बेचैन कर देती है।"
यह शायरी किसी प्रियजन को किसी और के साथ देखकर मन में उठने वाली ईर्ष्या और बेचैनी को दर्शाती है। कवि अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहता है कि जब वह अपने प्रिय को किसी और के साथ देखता है, तो उसका दिल ईर्ष्या की आग में जलने लगता है। प्रिय का हँसना, बातें करना और प्यार का इज़हार [खुलासा] उसे याद आता है और वह बेचैन हो उठता है। जब कोई और उसके प्रिय की खुशी में शामिल होता है, तो कवि के दिल में एक अजीब सी उथल-पुथल मच जाती है। यह ईर्ष्या की भावना उसे अंदर ही अंदर जला रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
21°C Bahraich
Comments (0)