Furkan S Khan की मोहब्बत पर खूबसूरत क़िता

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई मोहब्बत पर एक दिल को छू लेने वाली क़िता, जिसमें प्यार के एहसास और अपने साथी के महत्व को दर्शाया गया है।

Saturday, September 12, 2026
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Furkan S Khan की मोहब्बत पर खूबसूरत क़िता
“Furkan S Khan की मोहब्बत पर खूबसूरत क़िता”
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Date
12 September 2026
Qita — By Furkan S Khan
तेरी आँखों में जो देखा, दिल मेरा थम गया, यह कैसा जादू चलाया, तेरा हर ढंग, ज़िन्दगी तेरे बिना, सूनी लगती है, आजा मेरे जीवन में, बस मेरे संग, तू ही मेरा प्यार, तू ही मेरा सब कुछ, तू ही मेरा रंग, तेरे बिना जीना, अब मुश्किल है, मेरे हमदम, मेरे संग, यह कैसा रिश्ता है, यह कैसा प्यार है, तू ही मेरा आसरा, तू ही मेरा ढंग, मोहब्बत की राहों में, हम खो गए हैं, तेरे इश्क़ में डूबे, तेरा ही हर रंग, मेरी हर दुआ में, बस तेरा नाम है, तू ही मेरी दुनिया, तू ही मेरा संग।
Qita — By Furkan S Khan
जबसे तुझको जाना है, दिल में इक शोर है, तेरी यादों में खोया, बीती हर सुबह-ओ-शाम, यह कैसा तेरा प्यार है, जो हर पल साथ है, तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा धाम, तन्हाई में तेरी, दिल रोता है, आजा मेरे पास, थाम ले मेरी बाहें, यह कैसा रिश्ता है, जो दूर रहकर भी पास है, तू ही मेरी दुनिया, तू ही मेरी राहें, तेरे बिना ज़िन्दगी, एक सज़ा सी लगती है, आजा मेरे जीवन में, भर दे खुशियों के जाम, मेरी हर सांस में, बस तेरा ही नाम है, तू ही मेरा सब कुछ, तू ही मेरी चाहें।

रंग: यहाँ तात्पर्य भावनाओं या जीवन की खुशियों से है। संग: साथ, सहचर। इज़हार: प्रकट करना, व्यक्त करना। आसरा: सहारा, उम्मीद। हमदम: प्रिय, मित्र।

धाम: घर, ठिकाना, शरण। मंज़िल: लक्ष्य, उद्देश्य। चाहें: इच्छाएं, आकांक्षाएं। जाम: प्याला, मदिरा का पात्र (यहाँ खुशियों के प्रतीक के रूप में प्रयुक्त)।

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Zainab
लेखक

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