बेवफ़ाई का ग़म: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली उदास शायरी

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई बेवफ़ाई और जुदाई के दर्द पर एक दिल को छूने वाली उदास शायरी, जो हर किसी के दिल को छू जाएगी।

Sunday, September 13, 2026
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बेवफ़ाई का ग़म: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली उदास शायरी
“बेवफ़ाई का ग़म: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली उदास शायरी”
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https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/bewafai-ka-gham-furkan-s-khan-sad-shayari
Date
13 September 2026
Shayari — By Furkan S Khan
वो लम्हे जो साथ बिताए थे, आज भी हैं, ज़ख्म जो तूने दिए, वो हरे हैं, हर पल तेरी याद सताती है, ये ख़ामोशी अब ख़त्म नहीं होती।
Shayari — By Furkan S Khan
जबसे तूने छोड़ा है, दिल रोता है, हर लम्हा तेरी याद में खोता है, ये अश्कों का सैलाब कब थमेगा, जीना अब मुश्किल हो गया है।
Shayari — By Furkan S Khan
हर रात ये खामोशी सताती है, तेरी यादों की आहट आती है, ये कैसा दर्द है जो सहता हूँ, तेरी गैरमौजूदगी में जलता हूँ।

ज़ख्म: चोट, घाव; हरे हैं: ताज़ा हैं; सताती है: परेशान करती है; ख़ामोशी: चुप्पी।

अश्क: आँसू; सैलाब: बाढ़; थमेगा: रुकेगा; मुश्किल: कठिन।

खामोशी: चुप्पी; सताती है: परेशान करती है; आहट: आवाज़; गैरमौजूदगी: अनुपस्थिति; जलता हूँ: दुखी हूँ, कष्ट में हूँ।

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Zainab
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