इश्क़-ए-बेमिसाल: रूहानी प्रेम पर दिल छू लेने वाली हिंदी ग़ज़ल

फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित 'इश्क़-ए-बेमिसाल' एक ऐसी हिंदी ग़ज़ल है जो प्रेम की गहराई, आश्रय और रूहानी अहसास को बयां करती है। पढ़िए और महसूस कीजिए सच्चे इश्क़ का जादू।

Sunday, September 6, 2026
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इश्क़-ए-बेमिसाल: रूहानी प्रेम पर दिल छू लेने वाली हिंदी ग़ज़ल
“इश्क़-ए-बेमिसाल: रूहानी प्रेम पर दिल छू लेने वाली हिंदी ग़ज़ल”
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06 September 2026
Ghazal — By Furkan S Khan
नज़र से नज़र मिली, कैसी ये निगाह है, दिल को अब बस तेरी ही तो पनाह है। तेरी चाहत में हर मुश्किल आसान हुई, ये इश्क़ की कैसी अनमोल राह है। जो इश्क़ में डूबा, वो पा गया खुदा को, क्या ख़ूबसूरत ये पावन गुनाह है। तेरे नाम से ही रौशन है मेरा हर सवेरा, तेरी हर बात, हर अदा, क्या वाह है। ये रूह तेरी, ये जिस्म तेरा, ये दिल तेरा, हर साँस में बस तू ही तू, हर आह है।
Ghazal — By Furkan S Khan
ये दिल की लगी है, हर शाम ओ सहर में, तेरा ही तसव्वुर, मेरी हर नज़र में। तेरी याद का कैसा ये गहरा असर है, कि खोया हुआ हूँ मैं अपने ही घर में। न दुनिया की परवाह, न अपनी ख़बर है, बस तेरी ही धुन है, मेरी हर लहर में। ये कैसा जुनूँ है, ये कैसी तलब है, कि हर साँस गुज़री तेरे ही सफ़र में। सुकूँ मिल गया है, तेरी दीद पाकर, अब जीना गँवारा, तेरी रहगुज़र में।
Ghazal — By Furkan S Khan
ये इश्क़ ही तो रब का सबसे बड़ा करम है, इसी के सहारे कटता हर एक दम है। जहाँ इश्क़ नहीं, वो दुनिया वीरान है, बिना तेरे हम कहाँ, बस तेरा ही ग़म है। तेरी हर बात पे अब तो ऐतबार है मुझे, हर राह, हर मंज़िल, अब तुझसे ही हमदम है। ये दिल की लगी है, ये रूह का बंधन है, हर साँस में तेरी मोहब्बत की ही क़सम है। तेरी चाहत में मिट जाएँगे हम एक दिन, यही ज़िंदगी का सबसे हसीं मौसम है।

निगाह: दृष्टि, देखना पनाह: शरण, आश्रय राह: रास्ता गुनाह: पाप (यहां प्रेम को एक 'पावन गुनाह' कहा गया है, जिसका अर्थ है कि यह इतना पवित्र है कि इसे पाप भी कहा जाए तो वह स्वीकार्य है) वाह: प्रशंसा आह: गहरी साँस

सहर: सुबह तसव्वुर: कल्पना, विचार नज़र: दृष्टि असर: प्रभाव जुनूँ: जुनून, पागलपन तलब: चाहत, इच्छा सफ़र: यात्रा दीद: दर्शन गँवारा: स्वीकार्य रहगुज़र: रास्ता, मार्ग

करम: कृपा, मेहरबानी दम: साँस, पल वीरान: उजाड़, सुनसान ग़म: दुख ऐतबार: विश्वास हमदम: साथी, हमराज़ क़सम: शपथ हसीं: सुंदर मौसम: ऋतु, समय

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Zainab
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