प्रेरणादायक ग़ज़ल: उठो, बढ़ो और सफलता पाओ - Furkan S Khan

Furkan S Khan की यह प्रेरणादायक ग़ज़ल आपको जीवन की चुनौतियों का सामना करने और हर मुश्किल को पार कर सफलता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। हिम्मत और विश्वास से आगे बढ़ो।

Wednesday, September 16, 2026
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प्रेरणादायक ग़ज़ल: उठो, बढ़ो और सफलता पाओ - Furkan S Khan
“प्रेरणादायक ग़ज़ल: उठो, बढ़ो और सफलता पाओ - Furkan S Khan”
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16 September 2026
Ghazal — By Furkan S Khan
उठो, अब नींद से जागो, नए अरमान लेकर तुम बढ़ो। जो टूटे ख्वाब थे कल के, उन्हें पहचान लेकर तुम बढ़ो। नहीं है राह आसान, पर मंज़िल पुकारती है तुम्हें, हर एक मुश्किल का तुम अब नया इम्तिहान लेकर तुम बढ़ो। ये दुनिया है फरेबी, हर कदम पर आजमाएगी, मगर दिल में सदा अपनी अटल ईमान लेकर तुम बढ़ो। जो गिर जाओ कभी तो फिर उठो, हिम्मत न हारो तुम, हर एक ठोकर से सीखो, नया ज्ञान लेकर तुम बढ़ो। सफलता की चमक होगी, तुम्हारे नाम से रोशन, दिये उम्मीद के दिल में, नया तूफान लेकर तुम बढ़ो।
Ghazal — By Furkan S Khan
न डरना तुम कभी रातों से, जलाओ दिल में इक दिया सदा। जो खोया है उसे पाने की, एक नई आस रख लिया सदा। ये दुनिया है तमाशाई, बदलती रहती है हर पल, मगर तुम अपने उसूलों पर, अटल रहना, यही जिया सदा। न सोचो क्या मिला तुमको, न ये देखो क्या खोया है, बस अपने कर्म पर विश्वास रख, यही सच्चा पथ किया सदा। जो ठोकर खाके गिर जाओ, तो फिर उठना है लाज़िम है, हर एक हार से सीखो, ये पाठ जीवन ने दिया सदा। मुकद्दर से शिकायत क्या, जब अपनी राह खुद चुन ली, बनो तुम खुद ही अपनी नाव, यही तो ज्ञान है लिया सदा।

**अरमान**: इच्छाएँ, ख्वाहिशें। **पहचान**: समझना, जानना। **इम्तिहान**: परीक्षा, चुनौती। **फरेबी**: धोखेबाज, कपटी। **अटल**: स्थिर, दृढ़। **ईमान**: निष्ठा, विश्वास। **ज्ञान**: जानकारी, सबक। **तूफान**: यहाँ जोश और उत्साह का प्रतीक।

**दिया**: दीपक, रोशनी का प्रतीक। **आस**: उम्मीद, आशा। **तमाशाई**: दर्शक, जो सिर्फ देखता है। **उसूलों**: सिद्धांतों, नियमों। **अटल**: स्थिर, दृढ़। **जिया**: जीवन जीना, अनुभव करना। **कर्म**: कार्य, कर्तव्य। **लाज़िम**: आवश्यक, ज़रूरी। **मुकद्दर**: भाग्य, किस्मत।

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Zainab
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