प्रेरणादायी क़िता: जीत का परचम - कभी हार न मानो

Furkan S Khan द्वारा रचित यह प्रेरणादायी क़िता आपको हर मुश्किल का सामना करने और आत्मविश्वास के साथ जीत हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।

Saturday, September 19, 2026
AMP 0 1
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
प्रेरणादायी क़िता: जीत का परचम - कभी हार न मानो
“प्रेरणादायी क़िता: जीत का परचम - कभी हार न मानो”
Favicon
Vews
https://www.vews.in/s/gNKM4X
Date
19 September 2026
प्रेरणादायी क़िता: जीत का परचम - कभी हार न मानो
Qita — By Furkan S Khan
हर मुश्किल को तू एक नया अवसर मान ले, अपनी हिम्मत से तू हर बाधा को छान ले। राहें खुलेंगी खुद-ब-खुद, बस ठान ले, जीत का परचम लहराएगा, ये पहचान ले।
Qita — By Furkan S Khan
ख्वाबों को अपने तू, कभी न मरने दे, राहों की मुश्किलों से, तू कभी न डरने दे। आसमान है तेरा, पंखों को भरने दे, ऊँची उड़ान भर, न खुद को ठहरने दे।

अवसर: मौका, शुभ समय। बाधा: रुकावट, अड़चन। छान ले: यहाँ अर्थ है 'पार कर ले' या 'निपटा ले'। परचम: झंडा। पहचान ले: समझ ले, जान ले।

ख्वाब: सपने। मुश्किलों: कठिनाइयों। पंखों को भरने दे: यहाँ अर्थ है 'पंखों में जान डाल दे', 'उड़ने को तैयार हो जा'। ठहरने दे: रुकने दे, थमने दे।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User