तन्हाई का दर्द: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली उदास शायरी

Furkan S Khan की यह दिल को छूने वाली शायरी तन्हाई और जुदाई के दर्द को बयां करती है। हर पल याद आने वाले प्यार का एहसास कराती है।

Thursday, September 17, 2026
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तन्हाई का दर्द: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली उदास शायरी
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Date
17 September 2026
तन्हाई का दर्द: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली उदास शायरी
Shayari — By Furkan S Khan
हर पल तेरी याद मुझे सताता है, दिल में एक अजब सा दर्द जगाता है। जब भी अकेलेपन में तुझे पुकारता हूँ, हर बार ये तन्हाई मुझे रुलाता है।
Shayari — By Furkan S Khan
जबसे तू दूर हुआ, दिल रोता रहता है, आँसू का सैलाब आँखों से बहता है। इश्क़ के वादों का था जो कभी गुमान, आज उन वादों पर बस अफ़सोस रहता है।
Shayari — By Furkan S Khan
महफ़िल में भी तन्हा हूँ, ये कैसी बेबसी है, मेरे अंदर एक खामोशी सी छाई हुई है। जो कभी हँसी थी, अब ज़ख्म बन गई है, इस दिल में बस बर्बादी की रुलाई है।

सताता है - परेशान करता है, अजब - अजीब, तन्हाई - अकेलापन

अश्क - आँसू, सैलाब - बाढ़, गुमान - घमंड, अफ़सोस - पछतावा

महफ़िल - सभा, बेबसी - लाचारी, खामोशी - शांति, ज़ख्म - घाव, बर्बादी - विनाश

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Zainab
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