उदासी का मंज़र: दिल को छू लेने वाली हिंदी क़िता | Furkan S Khan
फरकान एस खान द्वारा रचित 'उदासी का मंज़र' एक मार्मिक हिंदी क़िता है जो जीवन की उदासी और अकेलेपन को शब्दों में बयां करती है। भावनाओं का गहरा अनुभव।
उदासी: मायूसी, दुख। पराई: अपनी न लगना, बेगानी। भीगी: आँसुओं से तर। फीकी: बेरंग, बेस्वाद, नीरस।
तन्हाई: अकेलापन। पुकार: आवाज़, बुलाना। खार: काँटा, दुख, पीड़ा। यार: दोस्त, साथी। बेक़रार: बेचैन, अशांत।
दामन: आँचल, साथ। अमन: शांति, सुकून। ग़म: दुख, उदासी। मन: हृदय, चित्त।
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