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हम और ज़िंदगी
ज़िन्दगी का सफ़र: जीवन की प्रेरणादायक नज़्म | Furkan S Khan
Furkan S Khan की कलम से ज़िन्दगी के सफ़र पर एक खूबसूरत और प्रेरणादायक नज़्म। जीवन के हर पल को समझने और आगे बढ़ने की सीख।
Tuesday, September 1, 2026
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“ज़िन्दगी का सफ़र: जीवन की प्रेरणादायक नज़्म | Furkan S Khan”
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01 September 2026
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Nazm — By Furkan S Khan
ज़िन्दगी एक सफ़र है, कभी रुकना नहीं,
गिर के उठना है फिर, कभी झुकना नहीं।
हर कदम पे इम्तिहाँ, हर मोड़ पे सीख,
ये नदी है बहती, कभी सूखना नहीं।
रौशनी भी है इसमें, अंधेरा भी है,
इस खेल में कभी हार को चखना नहीं।
हर सुबह एक नया आगाज़ है यहाँ,
बीते कल की बातों पे अब रुकना नहीं।
Kaafiya: रुकना, झुकना, सूखना, चखना
Radeef: नहीं
Nazm — By Furkan S Khan
ये जीवन है क्या, इक ख्वाब या हकीकत,
हर सांस है गुज़रती, हर पल है इबादत।
कभी धूप सी चमक, कभी छाँव का सुकून,
ये दुनिया है रंगीन, हर चीज़ में है अज़मत।
कहाँ से चले थे, कहाँ को जाना है,
बस यही है सवाल, और यही है हैरत।
जो पल हैं तुम्हारे, उन्हें जी लो संभल कर,
यही तो है ज़िन्दगी, यही है उसकी दौलत।
Kaafiya: हकीकत, इबादत, अज़मत, हैरत, दौलत
सफ़र: यात्रा, राह इम्तिहाँ: परीक्षा आगाज़: शुरुआत चखना: अनुभव करना
हकीकत: सच्चाई इबादत: पूजा, आराधना (यहाँ अर्थ है हर पल को महत्व देना) अज़मत: महानता, गौरव हैरात: आश्चर्य दौलत: धन, सम्पत्ति (यहाँ अर्थ है सबसे कीमती चीज़)
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