कैसरगंज का कब्रिस्तान विवाद, पूर्व प्रधान सफीउल्लाह अंसारी पर गंभीर आरोप
कैसरगंज क्षेत्र में कब्रिस्तान की ज़मीन पर अवैध कब्जे का विवाद। आरोप है कि समाजवादी पार्टी के नेता सफीउल्लाह अंसारी ने वक्फ बोर्ड की 32 बीघा ज़मीन पर कब्जा कर रखा है, जिससे स्थानीय लोग दफनाने की अनुमति नहीं पा रहे हैं। ग्रामवासी इस मुद्दे पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इससे समुदाय में तनाव बढ़ रहा है।
कैसरगंज क्षेत्र में एक गंभीर विवाद सामने आया है जिसमें ग्राम पंचायत वैरा काजी के वक्फ बोर्ड द्वारा निर्धारित कब्रिस्तान पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया जा रहा है। आरोप है कि समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व प्रधान सफीउल्लाह एडवोकेट अंसारी ने इस जमीन पर कब्जा कर रखा है और स्थानीय लोगों को वहां मिट्टी देने की अनुमति नहीं देते हैं।
वक्फ बोर्ड की 32 बीघा जमीन का मामला
यह विवाद वक्फ बोर्ड की 32 बीघा जमीन से संबंधित है, जिसमें से 5 बीघा जमीन 1983 में वक्फ बोर्ड द्वारा कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज करने का आदेश दिया गया था। लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार, सफीउल्लाह अंसारी ने अपने एडवोकेट होने का लाभ उठाते हुए इस जमीन को कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज नहीं होने दिया।