कासगंज, उत्तर प्रदेश - 26 जनवरी 2018 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान हुए साम्प्रदायिक तनाव के चलते चंदन गुप्ता की हत्या हुई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था और कई दिनों तक क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस मामले में लखनऊ स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने सात साल बाद 28 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष 300 से अधिक गवाहों को पेश किया। सबूतों और गवाही के आधार पर, अदालत ने इन 28 लोगों को दोषी पाया जबकि दो लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। आज, 3 जनवरी 2025 को कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगी, जिससे यह मामला एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच जाएगा।
घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना तब घटी जब कासगंज में कुछ युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाली थी। इस दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई जो बाद में हिंसा में बदल गई। हिंसा के दौरान गोली लगने से चंदन गुप्ता की मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 117 लोगों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान, 24 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
इस मामले ने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में साम्प्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बनाया था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कोर्ट का फैसला और दोषियों की सूची
लखनऊ NIA कोर्ट ने पाया कि दोषियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत और गवाह हैं जो यह साबित करते हैं कि उन्होंने हिंसा भड़काई थी। दोषियों की सूची इस प्रकार है:
- अजीजुद्दीन
- मुनाजिर
- आसिफ
- असलम
- शबाब
- साकिब
- आमिर रफी
- सलीम
- वसीम
- नसीम
- बबलू
- अकरम
- तौफीक
- मोहसिन
- राहत
- सलमान
- आसिफ
- निशु
- वासिफ
- इमरान
- शमशाद
- जफर
- शाकिर
- खालिद परवेज
- फैजान
- इमरान
- शाकिर
- जाहिद
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद, पीड़ित परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है और कहा है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। चंदन गुप्ता के परिवार ने कहा कि यह फैसला उन सभी के लिए एक संदेश है जो समाज में अशांति फैलाने का काम करते हैं।
राजनीतिक दलों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राज्य सरकार ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कानून के राज को मजबूत बनाने के लिए ऐसे फैसले जरूरी हैं। विपक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया है और कहा कि इस फैसले से समाज में शांति और भाईचारा बना रहेगा।
आगे की प्रक्रिया
अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद, उनके पास ऊपरी अदालतों में अपील करने का अधिकार रहेगा। हालांकि, NIA और अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस मामले में न्याय की पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा ताकि चंदन गुप्ता और उनके परिवार को न्याय मिल सके।