हिंसा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई भ्रामक पोस्ट और फर्जी वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें से कई पोस्ट हिंसा के संदर्भ में गलत सूचना फैलाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। ऐसे वीडियो और पोस्ट से माहौल और खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
बहराइच पुलिस पर आरोप: बहराइच पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि वे हिंसा के दौरान एक खास समुदाय पर अत्याचार कर रहे हैं।
बहराइच पुलिस का मुंहतोड़ जवाब
बहराइच पुलिस ने इन आरोपों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार जवाब देते हुए साफ किया है कि वे निष्पक्षता से काम कर रहे हैं और किसी भी समुदाय के साथ पक्षपात नहीं कर रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना है और वे हर उस व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करेंगे जो माहौल बिगाड़ने का प्रयास करेगा।
फर्जी पोस्ट का पर्दाफाश
X (ट्विटर) पर एक यूजर ने हिंसा से संबंधित एक भ्रामक पोस्ट किया जिसमें लिखा था:
"बहराइच के महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन यात्रा के दौरान हिंसा में घायल विनोद मिश्र का बयान, 'जो हिंदू जहां मिले, मार दो'। हिंसा से पहले लाउडस्पीकर से यह एलान हुआ, और इसके बाद लोग सरिया, रॉड और कट्टे लेकर दौड़ पड़े।"
इस पर बहराइच पुलिस ने तुरंत जवाब देते हुए कहा:
"ऐसे भ्रामक तथ्य जिनके सम्बन्ध में अभी कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुआ है, उन्हें बिना जानकारी के प्रसारित न करें। इससे जनपद की कानून व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल सम्भावना है, जिस पर विधिक कार्यवाही अमल पर लायी जाएगी।"
सोशल मीडिया पर पुलिस की सख्ती
बहराइच पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि जो लोग सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और गलत सूचनाएं फैला रहे हैं, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नज़र बनाए हुए है और ऐसे तत्वों को चेतावनी दे रही है।
कानून व्यवस्था पर पुलिस का ध्यान
बहराइच पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि ऐसा करने से इलाके की शांति और कानून व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
बहराइच हिंसा के बाद पुलिस के सामने न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, बल्कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और फर्जी वीडियो से निपटने की भी जिम्मेदारी है। पुलिस का कड़ा रुख और उनके त्वरित जवाब दर्शाते हैं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों और नफरत फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के लिए तैयार हैं।
समाज के हर वर्ग से अपील की जा रही है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फर्जी सूचनाओं से बचें और पुलिस के साथ सहयोग करें ताकि इलाके में शांति और सौहार्द्र बना रहे।