तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं | शायरी फ़ुरकान एस खान
तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं, अपने अश्कों को हथेली पे उठाए बैठे हैं। शायरी फ़ुरकान एस खान
तेरी यादों का मौसम यूँही बरकरार रहे,
हर साँस में तेरा एहसास बार-बार रहे।