सोनम वांगचुक और गीतांजलि अंगमो ने जेल, एनएसए के 'भयानक' अनुभव बताए: 'ऐसा लगा जैसे अपहरण हो गया हो'
सोनम वांगचुक और गीतांजलि अंगमो ने जेल में बिताए अपने समय और एनएसए के तहत अनुभवों का विस्तृत ब्योरा दिया, जिसे उन्होंने 'अपहरण जैसा' बताया।
Key Highlights
- सोनम वांगचुक और गीतांजलि अंगमो ने अपनी हिरासत के दौरान महसूस किए गए अनुभवों को साझा किया।
- उन्होंने अपनी स्थिति को 'अपहरण जैसा' बताया, जिससे गहरे मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़े।
- राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए, पारदर्शिता की मांग की गई।
वांगचुक, अंगमो ने जेल और एनएसए अनुभवों का किया खुलासा
जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक और गीतांजलि अंगमो ने हाल ही में अपनी हिरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत बिताए गए अनुभवों का बेहद भयावह विवरण साझा किया है। उनके इन बयानों ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इन परिस्थितियों को 'अपहरण जैसा' बताया है, जिसने गहरे मानसिक और भावनात्मक निशान छोड़े हैं। यह विवरण ऐसे समय में आया है जब देश में मानवाधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बहस तेज है।
वांगचुक और अंगमो ने बताया कि उन्हें कैसे अचानक हिरासत में लिया गया। उन्हें लगा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से मनमानी थी। किसी भी प्रकार की उचित सूचना या कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यह उनके लिए एक अप्रत्याशित और चौंकाने वाला अनुभव था। उन्होंने महसूस किया कि उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
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