दिल की उदासी: फुरकान एस खान की मार्मिक कविता

फुरकान एस खान द्वारा लिखी गई यह मार्मिक Qita, दिल में बसी गहरी उदासी और अकेलेपन की भावना को व्यक्त करती है।

Sunday, September 13, 2026
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दिल की उदासी: फुरकान एस खान की मार्मिक कविता
“दिल की उदासी: फुरकान एस खान की मार्मिक कविता”
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Date
13 September 2026
Qita — By Furkan S Khan
दिल में बस गई है एक गहरी उदासी, हर खुशी अब लगती है बेमानी सी। रातों की नींदें भी उड़ गई हैं कहीं, आँखों में छाई है अब वीरानी सी।
Qita — By Furkan S Khan
गम की एक परछाई हर पल साथ है, अब तो बस तन्हाई ही मेरी बात है। उम्मीदें कहीं दूर जा बैठी हैं, दिल में बस एक टूटी सी रात है।

उदासी: दुःख, गम बेमानी: अर्थहीन, व्यर्थ वीरानी: अकेलापन, खालीपन

गम: दुःख परछाई: साया तन्हाई: अकेलापन

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Zainab
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