मोहब्बत की पहचान: दिल को छू लेने वाली नाज़्म

फ़ुरकान एस ख़ान द्वारा लिखी मोहब्बत पर एक ख़ूबसूरत नाज़्म, जो प्यार के हर पहलू को दर्शाती है। पढ़ें और अपने दिल को छू जाने दें।

Monday, September 7, 2026
AMP 0 1
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
मोहब्बत की पहचान: दिल को छू लेने वाली नाज़्म
“मोहब्बत की पहचान: दिल को छू लेने वाली नाज़्म”
Favicon
Vews
https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/mohabbat-ki-pehchan-heart-touching-nazm
Date
07 September 2026
Nazm — By Furkan S Khan
मोहब्बत की राहों में चलते जाना है, हर दर्द को हँसकर सहते जाना है। यह कैसी कहानी है दिल की, यारों, हर पल जिसे बस जीते जाना है। नज़रें मिलें तो दुनिया बदल जाए, हर ख़्वाब हकीकत में ढल जाए। यह कैसा रिश्ता है रूहों का, प्यारे, हर साँस में जो घुलते जाना है। ज़िंदगी का हर रंग इससे है रोशन, हर लम्हा इससे है जैसे कोई गुलशन। यह वो एहसास है जो कभी ना मिटेगा, हर युग जिसे हम कहते जाना है।
Nazm — By Furkan S Khan
चुपके से दिल में उतर जाती है मोहब्बत, बिन कहे सब कुछ समझा जाती है मोहब्बत। न कोई शोर, न कोई हंगामा इसका, बस आँखों से ही सब बतला जाती है मोहब्बत। कभी मीठी सी चुभन, कभी गहरा असर है, हर रंग में रंगी है ये दिल के अंदर। जब होती है तो फिर कुछ होश नहीं रहता, हर बात अपनी ही मनवा जाती है मोहब्बत। हर धड़कन में इसका ही नाम है शामिल, हर साँस में इसकी ही ख़ुशबू है हासिल। जो एक बार छू ले किसी को अगर, फिर उम्र भर साथ निभा जाती है मोहब्बत।

राहों: रास्ते सहते: सहन करते हुए यारों: दोस्तों (यहाँ संबोधन के रूप में) ढल जाए: बदल जाए रूहों: आत्माओं रोशन: प्रकाशित गुलशन: बाग़, बगीचा एहसास: अनुभव युग: समय काल

चुपके से: ख़ामोशी से हंगामा: शोर-शराबा बतला जाती है: बता देती है चुभन: हल्का दर्द या टीस असर: प्रभाव होश: सुध-बुध मनवा जाती है: अपनी बात मनवा लेती है शामिल: शामिल होना हासिल: प्राप्त होना उम्र भर: जीवन भर

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User