मध्य प्रदेश के इंदौर में एक नवविवाहित जोड़े, राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की हनीमून ट्रिप मेघालय के शिलांग में एक भयावह हत्याकांड में बदल गई। इस मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि सोनम रघुवंशी का अपने पिता की माइका फैक्ट्री में काम करने वाले राज कुशवाहा के साथ प्रेम संबंध था, जिसने इस हत्याकांड को जन्म दिया। इस लेख में हम इस मामले की पूरी कहानी, फैक्ट-चेक के साथ, शुरू से अंत तक प्रस्तुत करेंगे।
सोनम रघुवंशी, इंदौर के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता, देवी सिंह रघुवंशी, एक प्लाईवुड और माइका उत्पादन की फैक्ट्री चलाते हैं, जो इंदौर और गुजरात में फैली हुई है। सोनम इस फैक्ट्री में एचआर (ह्यूमन रिसोर्स) हेड के रूप में कार्यरत थीं, जबकि राज कुशवाहा, जो सोनम से उम्र में पांच साल छोटे हैं, उसी फैक्ट्री में मैनेजर के पद पर थे।
बताया जाता है कि फैक्ट्री में काम के दौरान सोनम और राज की नजदीकियां बढ़ीं। सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया, जो लगभग एक साल तक चला। हालांकि, जातिगत अंतर के कारण उनके विवाह की संभावना को परिवार ने नकार दिया।
फैक्ट-चेक: कई समाचार स्रोतों ने पुष्टि की है कि सोनम और राज कुशवाहा के बीच प्रेम संबंध थे। हालांकि, सोनम के पिता, देवी सिंह रघुवंशी ने इस अफेयर की बात से इनकार किया है और कहा है कि राज केवल उनकी फैक्ट्री में कर्मचारी था।
शादी और हनीमून: कहानी का शुरुआती मोड़
सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के साथ धूमधाम से हुई। सूत्रों के अनुसार, यह शादी परिवार के दबाव में हुई थी, और सोनम का राज कुशवाहा के साथ संपर्क बना रहा। शादी के नौ दिन बाद, 20 मई 2025 को, राजा और सोनम हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग रवाना हुए। उन्होंने पहले गुवाहाटी में मां कामाख्या देवी के दर्शन किए और फिर शिलांग पहुंचे।
22 मई को, सीसीटीवी फुटेज में राजा और सोनम को शिलांग के एक होटल में चेक-इन करते और स्कूटी पर घूमने जाते देखा गया। यह उनकी आखिरी पुष्टि की गई गतिविधि थी। इसके बाद, 23 मई को परिवार से उनका संपर्क टूट गया।
फैक्ट-चेक: सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की समयरेखा के अनुसार, राजा और सोनम 22 मई को शिलांग में सामान्य रूप से घूम रहे थे। यह फुटेज मेघालय पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सबूत बना।
हत्याकांड: साजिश का खुलासा
2 जून 2025 को, राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव शिलांग के वेइसाडोंग झरने के पास एक गहरी खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई थी। इस बीच, सोनम लापता थीं, जिससे परिवार और पुलिस में हड़कंप मच गया।
9 जून 2025 को, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर सोनम रघुवंशी मिलीं। उन्होंने दावा किया कि उनका अपहरण हुआ था और उन्हें लूट लिया गया, लेकिन मेघालय पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए सोनम को हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड बताया। पुलिस ने राज कुशवाहा सहित चार अन्य आरोपियों—विशाल चौहान, आकाश राजपूत, और आनंद—को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, सोनम और राज कुशवाहा ने मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची। सोनम ने तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। हत्या 23 मई को चेरापूंजी के एक सुनसान इलाके में की गई, जहां सोनम जानबूझकर राजा को लेकर गई थी।
फैक्ट-चेक: मेघालय पुलिस के डीजीपी आई नोंगरंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुपारी किलिंग की पुष्टि की। गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि सोनम ने उन्हें हत्या के लिए काम पर रखा था। हालांकि, सोनम के परिवार ने इन आरोपों को खारिज किया है।
परिवार का पक्ष और सीबीआई जांच की मांग
सोनम के पिता, देवी सिंह रघुवंशी, ने मेघालय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस "बिकी हुई" है और सोनम के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच की मांग की। देवी सिंह ने यह भी बताया कि राजा और सोनम के पास चार मोबाइल फोन और कीमती गहने थे, जिनमें से केवल एक टूटा हुआ फोन बरामद हुआ।
दूसरी ओर, राजा के भाई विपुल रघुवंशी ने कहा कि सोनम और राज कुशवाहा अक्सर फोन पर बात करते थे, जिससे उनके बीच संबंधों की पुष्टि होती है।
फैक्ट-चेक: सोनम के पिता के आरोपों का पुलिस ने खंडन किया है, लेकिन गहनों और मोबाइल फोनों के गायब होने की बात जांच का हिस्सा बनी हुई है।
वर्तमान स्थिति: जांच और कानूनी कार्रवाई
9 जून 2025 को, सोनम को गाजीपुर में हिरासत में लिया गया और मेघालय पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की। राज कुशवाहा, विशाल चौहान, और आकाश राजपूत को सात दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर शिलांग ले जाया गया। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और भी खुलासे हो सकते हैं।
इस मामले ने प्रेम, विश्वासघात, और अपराध की एक जटिल कहानी को उजागर किया है। सोनम और राज कुशवाहा के रिश्ते ने न केवल एक परिवार को तोड़ा, बल्कि समाज में विश्वास और रिश्तों पर सवाल उठाए हैं।
अंत में
राजा रघुवंशी हत्याकांड एक ऐसी कहानी है जो प्रेम, साजिश, और विश्वासघात के बीच घूमती है। सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा के कथित प्रेम संबंध ने एक जघन्य अपराध को जन्म दिया, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा। हालांकि, सोनम के परिवार का दावा है कि वह निर्दोष है, और मेघालय पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले का अंतिम सच सामने आने में अभी समय लग सकता है, लेकिन यह कहानी समाज को रिश्तों की जटिलताओं और उनके परिणामों पर सोचने के लिए मजबूर करती है।
स्रोत: विभिन्न समाचार वेबसाइट्स और पुलिस बयानों पर आधारित।