अज़ान लाउडस्पीकर पर बेन ग्विर का फिर से जोर: इजरायल में विवाद की नई लहर
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन ग्विर ने अज़ान लाउडस्पीकर के उपयोग को सीमित करने की अपनी मुहिम फिर तेज की, जिससे एक पुराना विवाद फिर गरमा गया है।
मुख्य बातें
- राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने अज़ान लाउडस्पीकर के उपयोग को रोकने के लिए नया प्रयास शुरू किया है।
- यह कदम ध्वनि प्रदूषण का हवाला देते हुए आया है, जबकि आलोचक इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं।
- यह मुद्दा इजरायल में लंबे समय से विवादास्पद रहा है और पहले भी ऐसे कानून प्रस्तावित किए जा चुके हैं।
यरुशलम: इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने एक बार फिर अज़ान लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने या उसे सीमित करने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। उनके इस कदम से देश में एक संवेदनशील और लंबे समय से चले आ रहे विवाद को फिर से हवा मिल गई है। यह प्रस्ताव, जिसे 'मुअज़्ज़िन कानून' के नाम से भी जाना जाता है, मुसलमानों के लिए प्रार्थना के लिए बुलावे (अज़ान) के लिए मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करना चाहता है।
शोर प्रदूषण का तर्क और धार्मिक स्वतंत्रता का सवाल
बेन ग्विर का कहना है कि लाउडस्पीकर से निकलने वाली अज़ान की आवाज़ से अत्यधिक शोर होता है, जिससे पड़ोसियों को परेशानी होती है। उन्होंने इसे एक नागरिक मुद्दा बताया, जिसका उद्देश्य सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। हालांकि, आलोचकों और अरब सांसदों का मानना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है। उनके अनुसार, अज़ान एक मौलिक धार्मिक प्रथा है, जिसकी आवाज़ सदियों से यरुशलम के सांस्कृतिक ताने-बाने का हिस्सा रही है।
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