मेजर अभिलाषा बराक ने जीता संयुक्त राष्ट्र लैंगिक अधिवक्ता पुरस्कार: लेबनान में भारत का गौरव
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में तैनात भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को प्रतिष्ठित UN लैंगिक अधिवक्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्य बातें
- मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र लैंगिक अधिवक्ता पुरस्कार से नवाज़ा गया है।
- यह सम्मान लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला।
- मेजर बराक ने शांति स्थापना कार्यों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई।
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के साथ सेवा दे रहीं भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक अधिवक्ता पुरस्कार (UN Military Gender Advocate of the Year Award) से सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल भारतीय सेना के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। यह पुरस्कार शांति अभियानों में लैंगिक परिप्रेक्ष्य को बढ़ावा देने और महिलाओं के सशक्तिकरण में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देता है।
शांति स्थापना में लैंगिक समानता की अग्रणी
मेजर अभिलाषा बराक ने लेबनान में अपनी तैनाती के दौरान लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया, जिससे सैन्य अभियानों में महिलाओं की भागीदारी और लैंगिक संवेदनशीलता बढ़ी। उनका काम ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने वाला रहा है।
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