अश्क - आँसू, निशाँ - निशान, राज़ - रहस्य, बेगाना - पराया, फ़साना - कहानी, सिसकी - रोने की आवाज़, लौ - ज्योत, समेट कर - इकट्ठा करके, सिलाई - जोड़ना, परछाईं - छाया, नींव - आधार
टूटे दिल के ज़ख़्मों की सिलाई: भावनात्मक उपचार की हिंदी कविता
एक दिल को छू लेने वाली हिंदी कविता जो भावनात्मक उपचार और टूटे दिल को फिर से जोड़ने की उम्मीद के बारे में है। Furkan S Khan द्वारा लिखी गई।