आत्मिक शांति की आहट: मन को शांत करने की हिन्दी कविता
कवि फुरकान एस खान द्वारा 'आत्मिक शांति की आहट' - एक खूबसूरत हिन्दी कविता जो भीतर की शांति और मन की गहराइयों में सुकून खोजने का संदेश देती है।
मौन ठहराव: खामोश स्थिरता कोलाहल: शोर, हंगामा शून्य: खालीपन आलिंगन: गले लगाना, अपनाना मगन: लीन, डूबा हुआ दिव्य प्रकाश: अलौकिक रोशनी उपजती है: पैदा होती है, उत्पन्न होती है रचती है: निर्माण करती है, बनाती है
कोना शांत: शांत जगह गूँजती है: प्रतिध्वनित होती है, सुनाई देती है तूफान थमता है: आँधी रुक जाती है अस्तित्व पाती है: अपना वजूद ढूंढती है संचार: प्रवाह, फैलाव बेअसर: अप्रभावी, जिसका कोई असर न हो साधना: अभ्यास, तपस्या, आध्यात्मिक प्रयास मुक्ति: आज़ादी, छुटकारा बीज बोता है: बीज डालता है, शुरुआत करता है
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
29°C Bahraich
Comments (0)