एनसीईआरटी निदेशक: NEP 2020 का लक्ष्य औपनिवेशिक युग की रटंत विद्या को समाप्त करना
एनसीईआरटी के निदेशक ने NDTV Learnnxt Conclave 2026 में कहा कि NEP 2020 रटने की शिक्षा को खत्म कर व्यावहारिक ज्ञान पर जोर देती है।
मुख्य बातें
- एनईपी 2020 का उद्देश्य औपनिवेशिक काल की रटंत विद्या पर आधारित शिक्षा प्रणाली को बदलना है।
- यह नीति छात्रों में आलोचनात्मक सोच और व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर केंद्रित है।
- शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी इस नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एनईपी 2020: पुरानी शिक्षा प्रणाली से मुक्ति का मार्ग
नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के निदेशक, श्रीमान ज्ञान प्रकाश वेंकटेशन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) का मूल उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली से औपनिवेशिक युग की रटंत विद्या को पूरी तरह समाप्त करना है। यह बात उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए NDTV Learnnxt Conclave 2026 में कही। यह नीति शिक्षा को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर, छात्रों में आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर बल देती है।
रटंत विद्या से व्यावहारिक ज्ञान की ओर
श्री वेंकटेशन ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली, जो अक्सर परीक्षा पास करने के लिए तथ्यों को रटने पर केंद्रित होती है, छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करने में असफल रहती है। NEP 2020 इस मानसिकता को बदलने का प्रयास करती है। इसका लक्ष्य ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जहाँ छात्र विषयों को गहराई से समझ सकें, उनका विश्लेषण कर सकें और उन्हें अपने जीवन में लागू कर सकें। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है जो भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में एक वैश्विक शक्ति बनने में मदद करेगा।
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